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Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों में बीजेपी बहुमत से दूर रह गई. हालांकि, बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार बन गई है. इसके बावजूद बीजेपी को उत्तर प्रदेश से जो उम्मीदें थीं, उनको सबसे बड़ा झटका लगा. 

यूपी में बीजेपी मिशन 80 के दावे कर रही थी, लेकिन पार्टी महज 33 सीटों पर ही सिमट गई. 2019 के मुकाबले यूपी में बीजेपी को 29 सीटों का नुकसान हुआ. 

क्या बीजेपी को झेलना पड़ा भितरघात?

यूपी के इस झटके पर पार्टी के भीतर भितरघात की भी चर्चा हो रही है. इसकी एक तस्वीर पश्चिमी यूपी से सामने आई है. जहां पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान और पूर्व विधायक संगीत सोम खुलकर आमने-सामने आ गए. वहीं, नतीजों के बाद 8 जून को हुई सीएम योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट बैठक से दोनों डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य गायब रहे.

हालांकि, 9 जून को मोदी सरकार के शपथ ग्रहण में सीएम और डिप्टी सीएम मौजूद रहे. इसके बाद 10 जून को सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में तीन बड़े नेताओं अमित शाह, राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी से मुलाकात की. इसके बाद 11 जून को लखनऊ में योगी कैबिनेट की बैठक में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य फिर शामिल नहीं हुए.

2019 के मुकाबले यूपी में कितना गिरा बीजेपी का प्रदर्शन?

देश के सबसे बड़े सूबे यूपी में बीजेपी ने 2019 के चुनाव में 78 सीटों पर चुनाव लड़ी और 62 पर जीत हासिल की थी. वहीं, 2024 के चुनाव में बीजेपी ने 75 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन महज 33 सीटें ही जीत सकी. 2019 में बीजेपी को करीब 4 करोड़ 28 लाख वोट मिले. वहीं, 2024 में 3 करोड़ 62 लाख वोट मिले. 2019 में बीजेपी का वोट प्रतिशत 49.98 फीसदी और 2024 में 41.37 फीसदी रहा.

यूपी में बीजेपी को हुआ कितना घाटा?

2019 के मुकाबले 2024 में बीजेपी को यूपी में तगड़ा घाटा हुआ. पार्टी की 29 सीटें कम हुईं. इसके साथ ही वोट प्रतिशत में 8.61 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. पार्टी को पिछले चुनाव की तुलना में करीब 66 लाख वोट कम मिले.

यूपी में BJP को कहां कितना नुकसान?

पश्चिम उत्तर प्रदेश की 27 लोकसभा सीटों में 2019 में बीजेपी ने 19 पर जीत दर्ज की थी. वहीं, 2024 में 13 सीटें ही जीत सकी. पश्चिम यूपी में बीजेपी को 6 सीटों का नुकसान हुआ. अवध रीजन की बात करें तो 2019 में 23 लोकसभा सीटों में से 20 पर बीजेपी जीती, लेकिन 2024 में महज 11 सीटों पर सिमट गई. यहां बीजेपी को 9 सीटों का नुकसान हुआ.

पूर्वांचल क्षेत्र की बात की जाए तो यहां की 26 लोकसभा सीटों पर 2019 में बीजेपी ने 19 सीटों पर कब्जा किया था. जबकि 2024 में केवल 8 सीटों ही जीत सकी. पूर्वांचल में बीजेपी को 11 सीटों का नुकसान हुआ. बुंदेलखंड क्षेत्र की 4 लोकसभा सीटों में से 2019 में बीजेपी ने 4 सीटों पर जीत दर्ज की थी. वहीं, 2024 में महज 1 सीट जीत सकी. यहां बीजेपी को 3 सीटों का नुकसान हुआ.

बीजेपी कैसी हारी ‘अयोध्या’? 

फैजाबाद लोकसभा सीट के अंतर्गत 5 विधानसभा सीटें आती हैं. इनमें से अयोध्या विधानसभा से बीजेपी को 1,04,671 और सपा को 1,00,004 वोट मिले. रुदौली विधानसभा से बीजेपी को 92,410 और सपा को  1,04,113 वोट मिले. मिल्कीपुर विधानसभा से बीजेपी को 87,879 और सपा को 95,612 वोट मिले. बीकापुर विधानसभा में बीजेपी को 92,859 और सपा को 1,22,543 वोट मिले. दरियाबाद सीट से बीजेपी को 1,21,183 और सपा को 1,31,277 वोट मिले.

कहां चूक गए पार्टी के रणनीतिकार?

बीजेपी के पास लोकसभा चुनाव में यूपी की चुनावी जंग को बड़े अंतर से जीतने का मजबूत अनुभव था, लेकिन इस बार पार्टी के रणनीतिकार चूक गए. जाति-जमात के चुनावी गणित को साधने में बीजेपी नाकाम रही.

यूपी की आरक्षित सीटों की बात करें तो 2019 में यूपी की इन 17 सीटों में से बीजेपी ने 15 पर कब्जा किया था. वहीं, सपा शून्य तो बीएसपी ने 2 सीटें जीती थीं. 2024 में इन सीटों पर बीजेपी के समीकरण बिखर गए. लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी महज 8 सीटें जीती, जबकि सपा ने 7 सीटों पर जीत हासिल की.

माना जा रहा है कि यूपी में बीजेपी के नुकसान की सबसे बड़ी वजहें ओबीसी वोटर का पार्टी के पक्ष में एकजुट न होना, एंटी इनकंबेंसी के बावजूद सांसदों को टिकट देना, आरएसएस के कार्यकर्ताओं का जमीनी स्तर की कवायद से दूरी, सरकार और संगठन के बीच तालमेल की कमी और ‘बाहरी’ प्रत्याशियों से कार्यकर्ताओं की नाराजगी रहीं.

यूपी में किसके साथ गया मुस्लिम मतदाता?

सीएसडीएस के आंकड़ों के मुताबिक लोकसभा चुनाव 2024 में यूपी के मुस्लिम मतदाताओं के बीच सपा-कांग्रेस गठबंधन ने बाजी मार ली. यूपी में मुस्लिम मतदाताओं ने सपा-कांग्रेस के गठबंधन को 92 फीसदी वोट दिया. वहीं, बीजेपी को महज 2 फीसदी वोट मिला. जबकि, बीएसपी भी 5 फीसदी वोट ले गई.

यूपी में सवर्ण आबादी ने दिया किसका साथ?

सीएसडीएस के अनुसार यूपी में सवर्ण आबादी ने लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए 79 फीसदी तो इंडिया गठबंधन को 16 फीसदी वोट दिया. बीएसपी के खाते में 1 फीसदी और अन्य को 4 फीसदी वोट मिला.

यादव और दलित वोटर्स ने यूपी में बीजेपी के साथ कर दिया ‘खेला’ 

सीएसडीएस के आंकड़ों के मुताबिक लोकसभा चुनाव 2024 में एनडीए को 15 फीसदी और सपा-कांग्रेस को 82 फीसदी यादव मतदाताओं का वोट मिला था. वहीं, दलित मतदाताओं की बात करें तो एनडीए को गैर जाटव वोटरों ने 29 फीसदी और जाटव मतदाताओं ने 24 फीसदी वोट दिए. जबकि, सपा-कांग्रेस गठबंधन को गैर जाटव समुदाय के 56 फीसदी और जाटव समुदाय के 25 फीसदी वोट मिले. बीएसपी को 15 फीसदी गैर जाटव और 44 फीसदी जाटव वोट मिले.

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